मुआवजे की रकम को लेकर पति की हत्या, पत्नी सहित दो नाबालिग गिरफ्तार
रायगढ़। जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मिले एक ग्रामीण के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने मृतक की पत्नी और दो नाबालिगों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तीनों ने पहले गला घोंटकर हत्या की और बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार, शनिवार को मृतक गणपतिलाल भगत (50) के दामाद सोनसाय उरांव ने थाना पहुंचकर सूचना दी कि गणपतिलाल का शव किराए के कमरे में तख्त पर पड़ा है। शव के गले में साड़ी जैसा कपड़ा बंधा था, जबकि बाएं हाथ की कलाई पर कटने के निशान मिले थे। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और जांच शुरू की।
घटनास्थल की परिस्थितियां संदिग्ध मिलने तथा प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की आशंका सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। पूछताछ के दौरान मृतक की पत्नी गंगाबाई भगत (45) पर संदेह गहराया, जिसके बाद उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले परिवार की पैतृक जमीन गारे-पेलमा माइंस परियोजना के लिए अधिग्रहित हुई थी, जिसके एवज में मृतक को लगभग 25 से 30 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। आरोप है कि वह अधिकांश राशि शराब में खर्च कर देता था और पैसे को लेकर घर में अक्सर विवाद एवं मारपीट करता था।
महिला ने पुलिस को बताया कि 23 जुलाई की सुबह गणपतिलाल शराब के नशे में घर पहुंचा और विवाद के दौरान उसके साथ मारपीट की। इससे परेशान होकर उसने रिश्ते के दो नाबालिग लड़कों के साथ मिलकर साड़ी और गमछे से उसका गला घोंट दिया।
वारदात के बाद घटना को आत्महत्या दर्शाने के उद्देश्य से आरोपियों ने ब्लेड से मृतक की बाईं कलाई की नस काट दी, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। हालांकि वैज्ञानिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस ने महिला और दोनों नाबालिगों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।













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