परिजनों ने विधायक ईश्वर साहू पर लगाए गंभीर आरोप, बेदखली कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
चाचा और भतीजे ने सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया; विधायक पर भी अवैध कब्जे का दावा, निष्पक्ष जांच की मांग
बिरनपुर (साजा) / छत्तीसगढ़ के चर्चित ग्राम बिरनपुर में एक बार फिर विवाद सामने आया है। इस बार मामला साजा विधानसभा क्षेत्र के विधायक ईश्वर साहू और उनके परिजनों के बीच भूमि एवं बेदखली कार्रवाई को लेकर सामने आया है। विधायक के परिवार के सदस्यों ने उन पर सत्ता के प्रभाव का दुरुपयोग कर कार्रवाई कराने तथा परिवार के साथ अन्याय करने के आरोप लगाए हैं।
परिजनों का आरोप है कि जिस बेदखली की कार्रवाई सामान्यतः राजस्व विभाग के माध्यम से होती है, उसके लिए पुलिस विभाग की ओर से नोटिस भेजे जा रहे हैं। उनका कहना है कि विधायक बनने के बाद ईश्वर साहू उन लोगों को भूल गए जिन्होंने चुनाव के दौरान उनका साथ दिया था।
विधायक के चाचा लखन साहू ने कहा कि उन्होंने ईश्वर साहू का बचपन से पालन-पोषण किया और वे लंबे समय तक उनके साथ ही रहे। उनका आरोप है कि विधायक बनने के बाद अब उनके परिवार पर ही दबाव बनाया जा रहा है।
वहीं विधायक के भतीजे उमेश साहू ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर उनके कब्जे वाली भूमि हटाने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विधायक स्वयं 20 से 30 डिसमिल भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा किए हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
उमेश साहू ने कहा कि चुनाव के दौरान विधायक के सुरक्षा कर्मियों और कार्यकर्ताओं के ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था उनके घर पर की गई थी और परिवार ने पूरी निष्ठा से सहयोग किया था। उनका आरोप है कि अब उसी परिवार के साथ अन्याय किया जा रहा है।
उमेश साहू ने कहा कि यदि विधायक पहले अपने कथित अवैध कब्जे को हटाते हैं, तो वे भी तत्काल अपना कब्जा छोड़ देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है अथवा उन्हें जेल भेजा जाता है, तो इसके लिए विधायक ईश्वर साहू और उनके पीए अनुज वर्मा को जिम्मेदार माना जाएगा।













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