बंधन बैंक धोखाधड़ी मामले में तत्कालीन मैनेजर समेत दो गिरफ्तार
1.42 लाख रुपये बैंक खाते में जमा करने के बजाय आपस में बांटकर इस्तेमाल करने का आरोप
संपादक-बृजभूषण मानिकपुरी(वासु)
सक्ती। बंधन बैंक में लोन की रकम जमा करने के नाम पर धोखाधड़ी और राशि के गबन से जुड़े मामले में सक्ती पुलिस ने फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बैंक का तत्कालीन मैनेजर ओमकार कुमार साहू और बैंक कर्मचारी कमलेश सिंह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों पर 1,42,550 रुपये की रकम खाते में जमा नहीं करने और आपसी मिलीभगत से उसका उपयोग करने का आरोप है।
मामले की शुरुआत झुलकदम निवासी मोनीष देवांगन की शिकायत से हुई। शिकायत में बताया गया कि बंधन बैंक, सक्ती में लोन की 1,42,550 रुपये की राशि जमा किए जाने के बावजूद रकम संबंधित खाते में नहीं पहुंची। इस संबंध में बैंक की रसीद भी खाताधारक को दी गई थी। मामले की जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि खाताधारक उर्मिला देवांगन को मृत दर्शाने वाले दस्तावेजों के जरिए बीमा कंपनी से रकम हासिल करने और बैंक खाता बंद कराने का प्रयास किया गया।
शिकायत के आधार पर सक्ती थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 221/2024 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने बैंक से जुड़े दस्तावेज, शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की।
पहले कमलेश सिंह पकड़ा गया
जांच में जावलपुर निवासी कमलेश सिंह की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। वह घटना के बाद से फरार था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जावलपुर स्थित उसके ठिकाने पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में पुलिस के मुताबिक कमलेश ने बताया कि बैंक में जमा होने वाली 1,42,550 रुपये की राशि खाते में जमा नहीं की गई और दूसरे आरोपी के साथ मिलकर रकम का इस्तेमाल किया गया।
तत्कालीन बैंक मैनेजर भी गिरफ्तार
जांच आगे बढ़ने पर कोहका निवासी ओमकार कुमार साहू की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, घटना के समय ओमकार बंधन बैंक सक्ती शाखा में मैनेजर के पद पर पदस्थ था। जांच में उस पर कमलेश सिंह के साथ मिलकर रकम को खाते में जमा नहीं करने और उसका उपयोग करने में सहभागी होने का आरोप सामने आया।
पुलिस ने सूचना के आधार पर ओमकार को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों से रकम के बंटवारे, उसके उपयोग और कथित तौर पर तैयार किए गए दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ की गई।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए दोनों आरोपी
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका, कथित फर्जी दस्तावेजों और गबन की रकम से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई:
मामले की विवेचना पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और एसडीओपी सक्ती डॉ. भुनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में सक्ती थाना पुलिस द्वारा की गई।













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