खरीफ सीजन को लेकर जिले में उर्वरक व बीज की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों से समय पर उठाव की अपील
सक्ती / आगामी खरीफ सीजन 2026-27 को देखते हुए जिले में किसानों के लिए उर्वरक एवं प्रमाणित बीजों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कृषि विभाग और जिला प्रशासन द्वारा भंडारण तथा वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को समय पर आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हो सके।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 37 हजार मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है। इनमें से 22 हजार मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 14 हजार मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक वर्तमान में उपलब्ध हैं। उपलब्ध स्टॉक में यूरिया, डीएपी, एनपीके, पोटाश तथा सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) शामिल हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार किसानों को अब तक बड़ी मात्रा में यूरिया, डीएपी, एनपीके, पोटाश और एसएसपी का वितरण किया जा चुका है। वहीं खरीफ वर्ष 2026 के लिए जिले को प्राप्त बीज लक्ष्य के विरुद्ध अधिकांश बीजों का भंडारण समितियों में कर लिया गया है तथा बड़ी मात्रा में किसानों को बीज उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
जिला प्रशासन के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा सहकारी समितियों, प्राथमिक कृषि साख समितियों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से उर्वरकों की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त आवंटन और आपूर्ति की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का क्रय करें तथा संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाएं। विभाग द्वारा वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही किसानों से समय पर उर्वरक एवं बीज का उठाव करने का आग्रह किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने तथा कालाबाजारी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए नियमित निरीक्षण एवं निगरानी जारी रहेगी। किसानों से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कालाबाजारी की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को देने की अपील की गई है।














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