letest news

6/recent/ticker-posts

Ad Code

मध्यप्रदेश़/छत्तीसगढ के सभी जिलों में संवाददाता की आवश्यकता है इच्छुक व्यक्ति ही संपर्क करें ,7805921369 छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश के सभी जिलों में संवाददाता की आवश्यकता है इच्छुक व्यक्ति ही संपर्क करें ,7805921369

शिल्पग्राम की साज-सज्जा बनी आकर्षण का केंद्र, स्थानीय कला और उत्पादों की दिख रही अनूठी छटा

शिल्पग्राम की साज-सज्जा बनी आकर्षण का केंद्र, स्थानीय कला और उत्पादों की दिख रही अनूठी छटा

वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल की थीम पर सजा शिल्पग्राम, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को मिल रही सराहना
संपादक-बृजभूषण मानिकपुरी(वासु)

रायपुर / नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में शिल्पग्राम अपनी आकर्षक साज-सज्जा और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला एवं हस्तशिल्प की अनूठी छटा से लोगों का ध्यान खींच रहा है। यहां धातु, मिट्टी और लकड़ी से बनी कलाकृतियों से लेकर कोसा सिल्क, हथकरघा और पारंपरिक वस्त्रों तक स्थानीय कारीगरों की कला का शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। शिल्पग्राम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को साकार करता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक भी यहां देखने को मिल रही है।

शिल्पग्राम में हथकरघा उत्पादों के प्रति लोगों में खासा उत्साह है। साड़ियों, शर्ट, पारंपरिक वस्त्रों और घरों की सजावट के सामानों की विविधता आगंतुकों को आकर्षित कर रही है। इनमें कोशल फैब का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कोशल फैब के प्रतिनिधि रीतेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अगस्त माह में छत्तीसगढ़ के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड कोशल फैब की लॉन्चिंग की थी। इस अवसर पर इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का भी शुभारंभ किया गया था, जिससे स्थानीय उत्पादों के प्रबंधन और बाजार विस्तार को नई दिशा मिल सके।

‘लूम टू लग्जरी’ की अवधारणा पर आधारित कोशल फैब ब्रांड का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के कोसा और पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाना है। यह पहल स्थानीय बुनकरों और कारीगरों के उत्पादों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

शिल्पग्राम में बस्तर की विशिष्ट कलाकृतियां भी आगंतुकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों की लोककलाओं और परंपराओं को कलाकृतियों के माध्यम से बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है। झारा आर्ट और वैक्स तकनीक से तैयार कलाकृतियों को लेकर लोगों में विशेष जिज्ञासा देखी जा रही है। आगंतुक इन कलाकृतियों को करीब से देखकर इनके निर्माण की पारंपरिक कला और तकनीक को समझने में रुचि ले रहे हैं।

शिल्पग्राम में स्थानीय उत्पादों और कलाकृतियों के साथ आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है, जहां बड़ी संख्या में लोग तस्वीरें लेते नजर आ रहे हैं। वहीं, राज्योत्सव के मुख्य मंच के ठीक सामने शिल्पग्राम में जिला प्रशासन की ओर से स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों के लिए अलग मंच तैयार किया गया है। यहां लोक कलाकार अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं।

इस तरह शिल्पग्राम राज्योत्सव में केवल प्रदर्शनी का स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, परंपरा, हुनर और स्थानीय उद्यमिता का जीवंत मंच बनकर उभरा है। यहां ‘वोकल फॉर लोकल’ के साथ ‘लोकल टू ग्लोबल’ का संदेश भी प्रभावी ढंग से दिखाई दे रहा है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ