बाराद्वार थाना घेराव: TI पर सरपंच से अभद्रता और धमकी के आरोप, ASP ने बताया निराधार
सक्ती / जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र में शुक्रवार को ग्राम पंचायत पलाड़ीकलां के सैकड़ों ग्रामीणों ने बाराद्वार थाने का घेराव कर थाना प्रभारी के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी नरेंद्र यादव पर सरपंच से अभद्र व्यवहार करने, झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने और पैसे लेकर जमीन पर कब्जा कराने के आरोप लगाए। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस केवल सीमांकन कार्य के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद थी।
घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही आसपास के थानों के प्रभारी, तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी बाराद्वार थाने पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर स्थिति शांत कराई। इसके बाद ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करेंगे।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद हो रहा था सीमांकन
विवाद वर्ष 2020 में अधिग्रहित निजी भूमि से जुड़ा है। डेरागढ़ के दो भूमि स्वामियों की जमीन पर तालाब पार और आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया गया था। मुआवजा या वैकल्पिक भूमि नहीं मिलने पर मामला न्यायालय पहुंचा। इसके बाद प्रशासन ने वैकल्पिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू की, जिसके तहत शुक्रवार को राजस्व विभाग की टीम सीमांकन के लिए पलाड़ीकलां पहुंची।
विरोध के चलते बढ़ा विवाद
ग्रामीणों ने प्रस्तावित भूमि पर पहले से दर्ज आपत्तियों का हवाला देते हुए सीमांकन का विरोध किया। विरोध के कारण राजस्व अमला लौट गया। बाद में पुलिस बल के साथ दोबारा पहुंचने पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी दौरान थाना प्रभारी ने सरपंच से फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी। इसके विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और महिलाएं थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए।
पुलिस का पक्ष
एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने कहा कि सीमांकन के दौरान सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग के अनुरोध पर पुलिस बल भेजा गया था। उनके अनुसार ग्रामीणों ने सीमांकन टीम का विरोध किया, जिससे कार्रवाई प्रभावित हुई। उन्होंने थाना प्रभारी पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पुलिस ने केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाई।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, जबकि ग्रामीणों ने शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।













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