जल जीवन मिशन की टंकी बनी शोपीस, पानी की बूंद-बूंद को तरसे ग्रामीण
खरकेना गांव में गहराया पेयजल संकट, पलायन को मजबूर हो रहे लोग
डभरा/सक्ती / भीषण गर्मी के बीच सक्ती जिले के डभरा जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खरकेना में पेयजल संकट गंभीर रूप धारण कर चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पानी टंकी आज भी लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं करा पा रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पानी टंकी का निर्माण तो कर दिया गया, पाइपलाइन बिछाकर घर-घर नल कनेक्शन भी दिए गए, लेकिन पर्याप्त जल स्रोत नहीं होने के कारण पूरी व्यवस्था निष्प्रभावी बनी हुई है। बताया जाता है कि गांव में 800 से 900 फीट गहराई तक भी पर्याप्त भूजल उपलब्ध नहीं है। स्थिति यह है कि कई घंटे तक मोटर चलाने के बाद भी बहुत कम मात्रा में पानी निकल पाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि उपलब्ध पानी की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। पानी में अधिक खनिज और अन्य तत्व होने के कारण उसे पीने योग्य नहीं माना जा रहा है। ऐसे में लोगों को दूर-दराज के स्रोतों और वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
गांववासियों ने बताया कि पेयजल समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन लंबे समय से कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
हालांकि ग्राम पंचायत द्वारा टैंकर के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह व्यवस्था बढ़ती गर्मी और जरूरत के मुकाबले पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जल संकट के कारण कई परिवार रोजगार और बेहतर सुविधाओं की तलाश में गांव छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि गांव में स्थायी जल स्रोत की व्यवस्था कर जल जीवन मिशन के उद्देश्य को धरातल पर उतारा जाए, ताकि लोगों को घर-घर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
अब नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर है कि ग्रामीणों को इस संकट से राहत दिलाने के लिए कब तक प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।














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