सामुदायिक पुलिसिंग, जनजागरूकता और मीडिया की निगरानी का असर: जांजगीर-चांपा में सड़क दुर्घटना मृत्युदर में 23 प्रतिशत की कमी
जांजगीर- चांपा / जांजगीर-चांपा। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियानों, सामुदायिक पुलिसिंग और प्रभावी यातायात प्रबंधन के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में मई माह तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में 23 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
जिला पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में मई माह तक सड़क दुर्घटनाओं में 127 लोगों की मृत्यु हुई थी, जबकि वर्ष 2026 में इसी अवधि में यह आंकड़ा घटकर 97 रह गया। अधिकारियों का मानना है कि यह उपलब्धि पुलिस की सतत कार्यवाही, मीडिया की जागरूक भूमिका और नागरिकों के सहयोग का संयुक्त परिणाम है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) उदयन बेहार के नेतृत्व में जिलेभर में सड़क सुरक्षा संबंधी विशेष अभियान संचालित किए गए। इस दौरान पुलिस टीमों ने गांव-गांव पहुंचकर लोगों को यातायात नियमों के पालन, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, तेज गति से बचने तथा ट्रिपल सवारी नहीं करने के संबंध में जागरूक किया।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
यातायात पुलिस एवं संबंधित विभागों ने संयुक्त रूप से जिले के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान की। निरीक्षण के दौरान सड़क मरम्मत, चौक-चौराहों पर प्रकाश व्यवस्था में सुधार, अवैध अतिक्रमण हटाने तथा दृश्यता बाधित करने वाले अवरोधों को दूर करने जैसी कार्रवाइयां की गईं। इसके साथ ही प्रमुख दुर्घटना स्थलों पर ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट वाहन संचालन, ट्रिपल सवारी और नशे में वाहन चलाने जैसे कारणों के आधार पर लक्षित प्रवर्तन कार्यवाही की गई।
ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती
जिला पुलिस ने नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए पिछले पांच महीनों में 318 वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति आगे भी जारी रहेगी।
मवेशियों पर रेडियम पट्टी लगाने की अभिनव पहल
राष्ट्रीय राजमार्गों पर रात्रिकालीन दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस द्वारा घुमंतू मवेशियों के गले में रेडियम पट्टियां लगाने की पहल भी की गई। रात में वाहन की रोशनी पड़ने पर ये पट्टियां दूर से दिखाई देती हैं, जिससे वाहन चालक समय रहते सतर्क हो जाते हैं और दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है। इस पहल में स्थानीय नागरिकों का भी सहयोग मिल रहा है।
जनता, पुलिस और मीडिया की साझा भूमिका
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी केवल प्रवर्तन कार्यवाही का परिणाम नहीं है, बल्कि नागरिकों की बढ़ती जागरूकता, जिम्मेदार यातायात व्यवहार और मीडिया द्वारा लगातार किए जा रहे जनजागरण का भी महत्वपूर्ण योगदान है। जागरूकता (जनता), कार्यवाही (पुलिस) और निगरानी (मीडिया) के समन्वित प्रयासों से जिले में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
जिला पुलिस ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित यातायात, सुरक्षित जीवन के संकल्प को मजबूत बनाने की अपील की है।













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