इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघ शिकार मामला: रेंजर, डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड निलंबित
बीजापुर / इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघ शिकार और वन्यजीव तस्करी से जुड़े मामले में वन विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए तीन वनकर्मियों को निलंबित कर दिया है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर पासेवाड़ा रेंज के रेंजर कमल कश्यप, डिप्टी रेंजर नरहरि बघेल तथा बीट गार्ड विश्वनाथ मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
हाल ही में टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघ के शिकार और उसकी खाल की बरामदगी के बाद वन विभाग एवं पुलिस की संयुक्त जांच में वन्यजीव तस्करी से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। इस मामले में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और जांच लगातार जारी है।
प्रारंभिक जांच में संबंधित क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण, गश्त और निगरानी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आने पर विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि संरक्षित वन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक संदीप बलगा ने बताया कि निलंबन की कार्रवाई प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और यदि जांच में अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की जिम्मेदारी सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाघ शिकार और वन्यजीव तस्करी जैसे अपराधों के प्रति विभाग की 'शून्य सहिष्णुता' की नीति रहेगी तथा संरक्षण कार्यों में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।













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