फॉर्च्यूनर कार के नाम पर 20 लाख की धोखाधड़ी, आरोपी विवेक डडसेना गिरफ्तार
जांजगीर-चांपा / फॉर्च्यूनर कार को गिरवी रखने और बेचने के नाम पर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को चांपा पुलिस ने साइबर तकनीकी की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था और अपने ठिकाने बदल रहा था।
पुलिस के अनुसार, कोरबा जिले के सर्वमंगला नगर दुरपा निवासी चंद्रप्रकाश जायसवाल ने 27 मई 2026 को थाना चांपा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 21 अक्टूबर 2024 को उसने ग्राम करनौद थाना बिर्रा निवासी विवेक डडसेना (पिता लक्ष्मीप्रसाद डडसेना) से फॉर्च्यूनर वाहन क्रमांक CG 11 BN 1748 को गिरवी रखने एवं बिक्री के लिए 20 लाख रुपये में सौदा किया था।
आरोप है कि सौदा करने के बाद विवेक डडसेना ने उक्त वाहन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। जब प्रार्थी ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने उसे एक चेक दिया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया। इसके बाद स्वयं को ठगा महसूस करते हुए प्रार्थी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले में थाना चांपा में अपराध क्रमांक 267/26 के तहत धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के निर्देशन में चांपा पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। साइबर तकनीकी एवं मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने 19 जून 2026 को आरोपी को उसके निवास स्थान से हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चेकबुक और मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वाहन खरीदी-बिक्री या गिरवी रखने से पहले वाहन के दस्तावेजों एवं मालिकाना हक की पूरी जांच अवश्य करें। बड़े वित्तीय लेन-देन बैंकिंग माध्यमों से करें तथा किसी भी प्रकार की शंका होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी चांपा निरीक्षक अशोक वैष्णव, सहायक उपनिरीक्षक भुवनेश्वर राठौर, प्रधान आरक्षक सुनील सिंह, आरक्षक श्याम राठौर, प्रकाश द्विवेदी तथा थाना बिर्रा के पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।













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