सक्ती जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, किसानों को समय पर मिल रही सुविधाएं
सक्ती / 3 जून 2026 / खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए सक्ती जिले में किसानों के लिए खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। कृषि विभाग और जिला प्रशासन द्वारा उर्वरकों एवं बीजों के भंडारण तथा वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध हो सके।
उप संचालक कृषि श्री तरुण कुमार प्रधान ने बताया कि जिले में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही है। किसानों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने के लिए रासायनिक उर्वरकों के साथ जैविक खाद, हरी खाद एवं अन्य वैकल्पिक उपायों के उपयोग हेतु भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
विकासखंड जैजैपुर में खरीफ सीजन 2026 के लिए 8,338 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध 1 जून 2026 तक 6,091 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 73 प्रतिशत है। इसी प्रकार 6,760 क्विंटल बीज के लक्ष्य के मुकाबले 6,500 क्विंटल बीज उपलब्ध करा लिया गया है, जो लगभग 90 प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति को दर्शाता है।
किसानों को उर्वरकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सहकारी समितियों में यूरिया एवं डीएपी का पर्याप्त भंडारण किया गया है। इसके अलावा नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे आधुनिक विकल्प भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग किसानों की स्वेच्छा पर आधारित है।
जिले में उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण पर सतत निगरानी रखी जा रही है। जिला एवं विकासखंड स्तरीय निगरानी दलों द्वारा अब तक 132 विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। नियमों के उल्लंघन के मामलों में सात विक्रय केंद्रों पर विक्रय प्रतिबंध लगाते हुए उनके प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए हैं। वहीं पांच अवैध भंडारण मामलों में सामग्री जब्त कर प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। इसके अलावा 61 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद एवं बीज केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर निकटतम कृषि कार्यालय से संपर्क करें। विभाग ने किसानों के हितों की सुरक्षा तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।













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