शासकीय स्कूल में विदाई पार्टी के दौरान खतरनाक स्टंट, टला बड़ा हादसा
बिलासपुर। सोशल मीडिया पर रील बनाने का बढ़ता क्रेज अब स्कूली छात्रों के लिए जानलेवा साबित होने लगा है। लाइक और व्यूज की होड़ में छात्र न सिर्फ नियमों को ताक पर रख रहे हैं, बल्कि अपनी और दूसरों की जान को भी खतरे में डाल रहे हैं। ताजा मामला बिलासपुर जिले के सकर्रा स्थित एक शासकीय स्कूल का है, जहां विदाई पार्टी के दौरान किए गए खतरनाक स्टंट से खुशियों का माहौल कुछ ही पलों में भय और अफरा-तफरी में बदल सकता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल में आयोजित विदाई समारोह के दौरान कुछ छात्रों ने रील बनाने के उद्देश्य से कार और ट्रैक्टर को सीधे स्कूल परिसर में प्रवेश करा दिया। स्कूल जैसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर भारी वाहनों की एंट्री अपने आप में गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। स्टंट के दौरान कार और ट्रैक्टर आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर मौजूद छात्र घबरा गए और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई छात्र या शिक्षक गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। यदि जरा-सी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि उस समय स्कूल परिसर में कई छात्र मौजूद थे। यह घटना न सिर्फ छात्रों की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय स्कूल के प्राचार्य और कुछ शिक्षक मौके पर ही मौजूद थे। लेकिन उन्होंने छात्रों को समय रहते रोकने या स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय मूकदर्शक बने रहना ही उचित समझा। इस रवैये ने स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। स्कूल परिसर में किसी भी प्रकार के वाहन या स्टंट की अनुमति कैसे दी गई, यह अब जांच का विषय बनता जा रहा है। इस पूरी घटना का वीडियो किसी छात्र द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह रील बनाने के चक्कर में छात्र जान जोखिम में डालते हुए स्टंट कर रहे हैं और आसपास मौजूद शिक्षक उन्हें रोकने के बजाय देखते नजर आ रहे हैं। घटना सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान होना चाहिए, लेकिन इस तरह की घटनाएं भविष्य के लिए खतरे की घंटी हैं। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और स्कूलों में अनुशासन की कमी पर अब गंभीर मंथन की आवश्यकता है। फिलहाल इस मामले में शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। अभिभावकों का कहना है कि दोषी छात्रों के साथ-साथ लापरवाह शिक्षकों और प्रबंधन के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की खतरनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।













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