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फाइलेरिया उन्मूलन हेतु सामूहिक दवा सेवन अभियान 10 से 25 फरवरी तक,कलेक्टर ने आमजनों से की दवाई का सेवन अवश्य करने की अपील

 फाइलेरिया उन्मूलन हेतु सामूहिक दवा सेवन अभियान 10 से 25 फरवरी तक,कलेक्टर ने आमजनों से की दवाई का सेवन अवश्य करने की अपील

मुंगेली, 04 फरवरी 2026// फाइलेरिया (हाथी पांव) जैसी गंभीर बीमारी से बचाव एवं नियंत्रण के लिए जिले में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाना तथा आमजन को इस रोग के प्रति जागरूक करना है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिला पंचायत में आयोजित बैठक में संबंधित सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर शत-प्रतिशत हितग्राहियों को दवा सेवन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आमजनों से फाइलेरिया की दवाई का सेवन अवश्य करने की अपील की है। साथ ही अफवाहों से बचने तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का भी संदेश दिया।

संकुल समन्वयकों को दिया गया प्रशिक्षण

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि अभियान अंतर्गत 02 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी नागरिकों को फाइलेरिया रोधी दवा एवं कृमिनाशक दवा का सेवन कराया जाएगा। अभियान के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में संकुल समन्वयकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा 10 से 12 फरवरी तक स्कूलों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ियों आदि शैक्षणिक संस्थानों में दवा सेवन कराया जाएगा। 13 से 22 फरवरी तक घर-घर जाकर तथा 23 से 25 फरवरी तक छूटे हुए लोगों को माप अप राउंड अंतर्गत दवा सेवन कराया जाएगा। साथ ही 10 फरवरी से 25 फरवरी तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अन्य निजी चिकित्सालयों में ओपीडी के पास एमडीए कॉर्नर स्थापित कर दवा सेवन कराया जाएगा।

  रोग का प्रसार एवं लक्षण  

डीपीएम गिरीश कुर्रे ने बताया कि हाथीपांव (फाइलेरिया) रोग क्युलेक्स मच्छरों के काटने से होता है। जब ये मच्छर हाथीपांव के रोगी को काटते हैं, तो इस बीमारी के रोगाणु मच्छर के पेट में जाकर पनपते हैं। यही मच्छर कुछ दिनों बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटते हैं, तो ये रोगाणु स्वस्थ व्यक्ति के लसिका ग्रंथि में पहुंच जाते हैं और इस प्रकार हाथीपांव की बीमारी हो सकती है। यह बीमारी किसी को भी हो सकती है। इसके लक्षण मच्छर के काटने के कई वर्ष बाद प्रकट होते हैं, जिसमें बुखार आता है तथा पांव या अंडकोष में सूजन तथा महिलाओं में स्तनों में सूजन आ जाती है। क्युलेक्स मच्छर गंदे पानी में पैदा होते हैं और पनपते हैं। अतः इस बीमारी की रोकथाम के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि गंदा पानी जमा न होने दिया जाए तथा जहां-जहां मच्छरों के लार्वा पनप रहे हों वहां लार्वा नाशक दवा डालकर उन्हें नष्ट किया जाए। 

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