सूरजपुर जिला में कुमेली सरकारी सर्किट हाउस बना अय्यासी का अड्डा रात में सजती है यहां महफिल
सूत्रों के अनुसार, इस जुआ फड़ में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि बैड़न, मनेन्द्रगढ़, कोतमा, अंबिकापुर, बैकुंठपुर और रामानुजनगर सहित अन्य जिलों से भी जुआरी पहुंच रहे हैं। शबाब और कबाब के साथ शाही अंदाज में महफिल सजाकर जुआ खिलाया जा रहा है। आरोप है कि कुछ लोगों की आय का एकमात्र स्रोत ही यह जुआ बन चुका है और वे बिना किसी अन्य काम के चादर बिछाकर लाखों रुपये कमा रहे हैं।
सबसे गंभीर बात यह बताई जा रही है कि यह सब पुलिस व वन विभाग की कथित मौन स्वीकृति से हो रहा है। अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन सख्ती दिखाता, तो इतने लंबे समय तक यह अवैध गतिविधि चल ही नहीं सकती थी।
मामले को और भी संवेदनशील बनाता है यह तथ्य कि जिस स्थान पर जुआ संचालित हो रहा है, वह वन विभाग का सरकारी विश्रामगृह है। नियमानुसार, ऐसे विश्रामगृहों का उपयोग केवल शासकीय अधिकारियों या पर्यटकों के ठहरने के लिए किया जाता है। ऐसे में बिना विभागीय अनुमति के वहां जुआ फड़ का संचालन होना, अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि बिना वन विभाग के आदेश के विश्रामगृह की चाबी आखिर किसे और कैसे मिली।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि पूरे मामले से जुड़े वीडियो और फोटो साक्ष्य के रूप में मौजूद हैं, हला कि यह वीडियो कब का है इसका पुष्टि हम नहीं करते जिनके आधार पर जांच की जाए तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और वन विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका भी जताई जा रही है।
अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब और क्या कार्रवाई करता है, या फिर वन विभाग का विश्रामगृह यूं ही अवैध जुए और अन्य गतिविधियों का अड्डा बना रहेगा। वायरल हो रहा वीडियो लगभग दो-तीन माह पुराना बताया जा रहा है फिलहाल मामला गंभीर है पिकनिक स्थल होने के कारण रोजाना सैकड़ो परिवार पिकनिक मनाने कुमेली पहुंचते हैं अब देखने वाली बात होगी कि इस पर क्या कार्रवाई होती है













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