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सरपंच की निष्क्रियता का खामियाजा भुगत रहें ग्रामवासी,मुलभुत सुविधा के लिए आज भी तरस रहे ग्रामीण

 ◆ सरपंच की निष्क्रियता का खामियाजा भुगत रहें ग्रामवासी

पांच साल मे नहीं बदली गाँव की तस्वीर,मुलभुत सुविधा के लिए आज भी तरस रहे ग्रामीण

पथरिया - शासन-प्रशासन क्षेत्र में विकास को लेकर कितना भी ढिंढोरा पिट ले पर असल कुछ और बयां कर रही है। जहाँ करोड़ों खर्च के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति में कुछ खास सुधार नहीं आई है। ग्रामीणों को आज भी मुलभूत सुविधाओं के जुझना पड़ रहा है। 

जिसका ताजा उदाहरण जनपद पंचायत पथरिया के ग्राम पंचायत पढ़ियाईन को दिया जा सकता है,जहाँ विकास के नाम पर cc रोड,नाली निर्माण,भवन निर्माण, समतलीकरण,पेयजल व्यवस्था, साफसफाई सहित अन्य विभिन्न कार्यों के नाम पर शासकीय मदों से राशि आहरण की गई है। परंतु असल में देखा जाए तो विकास कार्य के नाम पर केवल औपचारिक्ताऐं पुरी कर राशि निकाल ली गई है। ग्रामीण आज भी पेयजल,साफसफाई सहित अन्य मुलभुत सुविधाओं से वंचित हैं। जबकि संबंधित सरपंच/सचिव द्वारा   उक्त कार्यों के लिए लाखो रूपये का आहरण कर ली गई है।

बताते चले ग्राम में मुरुम पटाई के नाम पर लाखों रूपये निकाले गए हैं। ग्रामीणों की माने तो कुछ माह पहले वार्ड 09 सतनाम भवन के पास समतलीकरण करने के नाम पर मुरुम डाला गया था,जिसके लिए 2  लाख रूपये आहरण किए गए हैं। वही एक पंच प्रतिनिधि ने बताया कि समतलिकरण के दौरान 100  ट्रिप का टोकन दिया गया था और कुछ गाँव के इधर उधर  डालने कहा गया था। जिसे मिलाकर कूल 120 ट्रिप मुरुम पंचायत द्वारा डाला गया। इसी तरह प्राथमिक शाला मे समतलिकारण के नाम से 1.50 लाख रूपये निकाला गया है। वहीं स्कुल मे लगभग 50 ट्रिप ट्रेकटर मुरुम डालने की बात कही जा रही है। इस तरह फर्जी तरिके से पंचायतों में कार्य किया जा रहा है,ऐसे में पंचायत के विकास की कल्पना करना मुमकिन नहीं है। ऐसा नहीं कि इन कारनामों से अधिकारी कर्मचारी अंजान है,सबके लिए एक व्यवस्था बनी हुई जिस हिसाब से उन्हें अपना हिस्सा मिलता रहता है। तभी तो कार्यालय में बैठे-बैठे बिना स्थल निरीक्षण के मुल्यांकन सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाती है। जिसकी बदौलत संबंधित ग्राम के सरपंच-सचिव मनमाने तरिके से बील लगाकर शासकीय राशियों का दुरुपयोग करते रहते हैं। जहाँ ग्राम  विकास के नाम पर कागजों में प्रगतिशील है,परंतु असल में ग्रामीण आज भी मुलभूत सुविधाओं की कमी से जुझ रहें हैं।  

नर्सरी के जालीतार का उपयोग निजी कार्यों में कर रहे सरपंच,उधर नर्सरी के पौधे को मवेशी बना रहे चारा

ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम के नर्सिंरी मे पौधों की सुरक्षा के लिए शासकीय राशि से जाली तार लगाए गए थे,जिसे निकालकर सरपंच अपने खेत मे लगा लिए हैं। इधर नर्सरी के पौधों को असुरक्षित छोड़ दिया गया है जो मवेशियों के चारा बन रहें। इस तरह शासकीय राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है।

पेयजल व्यवस्था के नाम पर लाखों खर्च,बावजूद बूंद बूंद के लिए तरस रहे ग्रामीण

ग्राम पंचायत में पेयजल व्यवस्था के नाम पर लाखों रुपये आहरण किए गए हैं। जबकि गांव में पेयजल की समस्या चरम पर है। वहीं वार्ड में देखा जाए तो अधिकतर बोर व हैण्डपम्प खराब है।   ग्रामीणों को पेयजल व निस्तारी के जुझना पड़ रहा है।

 उक्त समस्याओं के संबध में पंचायत सचिव से चर्चा की गई जिस पर उन्होंने शिकायत मिलने पर निराकरण करने की बात कही है। वहीं सरपंच प्रतिनिधि उक्त कार्यों पर गोलमोल जवाब देते रहें,वहीं नर्सरी जाली तार के निजी उपयोग पर बोले का उक्त जालीतार का उपयोग नहीं हो रहा था। जिसे नर्सरी से निकाल कर अपने खेत में लगाया गया है।  

 ईश्वर पाठक,सचिव पडियाईन

ग्रामीणों को यदि किसी तरह की समस्या है तो मेरे पास लिखित में  शिकायत करे,विधिवत समस्याओं का निराकरण किया जायेगा।

रामेश्वर ध्रुव,सरपंच प्रतिनिधि-  सतनाम भवन के पास 100  ट्रिप टैकटर से मुरुम डाला गया है। वहीं नर्सरी मे लगे तार का उपयोग नहीं हो रहा था,जिसे वहाँ से निकालकर अपने निजी कार्यों में उपयोग किया जा रहा है।

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