स्वच्छता सर्वे लेखन कार्य के नाम पर,पंचायत के राशि का दुरुपयोग लाखों का हुआ व्यारा न्यारा...
जी हां ग्राम पंचायतों में स्वच्छता लेखन के नाम पर हजारों रूपये का चुना लगाया गया है। ये पुरा मामला मुंगेली जिला अंतर्गत जनपद पंचायत पथरिया का है,जहाँ ग्राम पंचायतों में स्वच्छता लेखन किया गया है। लेकिन जितना लिखा गया है उससे कई गुना बील लगाकर राशि निकाली गई है। आपको बता दें वृत्तीय वर्ष 2023-24 में क्षेत्र के पंचायतों में देखा गया की स्वच्छता लेखन के नाम पर राशि आहरण की गई है। मिली जानकारी के मुताबिक एक पंचायत में महज तीन-चार जगह स्वच्छता सर्वे लेखन किया गया जिसकी अनुमानित बील 4000-5000 लगाई जा रही है। जबकि प्रत्येक पंचायत से करिब 23-24 हजार रूपये का बील थमा दिया गया है। मजे कि बात ये है कि उक्त लेखन किसके द्वारा कराया गया है।
संबधित पंचायत के सरपंच,सचिव को मालूम ही नहीं है,वे केवल पेमेंट करने की बात कह रहें हैं। जबकि उक्त कार्य के लिए लगभग सभी पंचायतों से राशि काटी गई है। सरपंच सचिव भी इतने लापरवाह है कि बिना पुष्टि व जांचे परखे पेमेंट भी करा देते हैं। क्षेत्र के सरपंच सचिवों का कहना है कि कई पेमेंट ऐसे हैं जो खाते से कटने के महिनों बाद पता चलता है। लेकिन इस मामले में संबंधित सरपंच सचिवों ने कभी भी उच्च अधिकारियों से शिकायत नहीं की है। यह जरूर है कि जानकारी होने पर बकायदा कटे हुए राशि का बील सचिवों को मिल जाता है। वहीं इन दिनों पेमेंट की प्रक्रिया आनलाईन हो गई है,जिससे किसी वर्क के लिए भुगतान आनलाईन होना है,जो सीधे संबंधित फर्म के खाते में हस्तांतरण किया जाता है। वैसे तो पंचायतों में विभिन्न कार्यों के नाम पर छोटे मोटे पेमेंट होते रहते हैं,जिसका हिसाब किसी अन्य बड़े कार्यो के बील लगाकर मैनेज किया जाता है।
परंतु कई ऐसे पेमेंट है जो फिजूलखर्ची है,वैसे ही स्वच्छता के नाम पर भी किया गया है। जिसके लिए बकायदा फर्म “देवा आर्ट” का बील लगाया है। जिसमें एक पंचायत से करिब 23 से 24 हजार का भुगतान किया गया है। जिस हिसाब से देखा जाए तो पुरे जनपद क्षेत्र से लाखों रूपये आहरण कर ली गई हैं। फिलहाल इस संबध में संबंधित अधिकारी ही कुछ बता पायेंगे कि उक्त लेखन किसके माध्यम से कराया गया और लेखन के लिए क्या मापदंड रही है। तो बने रहिए हमारे साथ आपको इस तरह की खबरों से रूबरू कराते रहेंगे।
















0 टिप्पणियाँ